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COVID-19 मोरेटोरियम प्रोग्राम

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नमस्ते , तो जी कैसा चल रहा है आपका quarantine ? इस प्रश्न का जवाब देकर आप थक चुके होंगे , हाथ धो – धो कर हाथ भी घीस चुके होंगे और फ़ोन पे 40 सेकन्ड तक “corona से बचने के उपाय” सुनकर कान भी पक चुके होंगे इसीलिए में COVID 19 मोरेटोरियम प्रोग्राम के बारे में कुछ भी कहे बिना आशा करती हु की आप सुरक्षित है । 

सीधे सवाल पर ही आये तो जवाब है “जी नहीं” । 

Moratorium किसी Rule का हिस्सा नही है की उसका पालन करना ही है , यह सिर्फ एक विकल्प है । आप हर महीने की तरह अपना EMI भरने का विकल्प चुन सकते है । आप कहेंगें की क्यों ना चुने विकल्प “तीन महीने के आराम” का ?

क्यों की यह आराम एक क़ीमत के साथ आ रहा है , आइये समझते है । 

अब घर में तो सब corona से परेशान होंगे , लेकिन हम जानते है की आप परेशान है , corona की बाद की बीमारी से “finances in economical breakdown” चिंटू की मोटरसाइकिल , बीवी की 20000 वाली मन्नत , और सारे bills और EMIs आपकी यही परेशानी समझकर RBI ने घोषित किया है की सारी bank और financial institutes अपने ग्राहकों को 3 महिनें का Moratorium समय यानी 3 महीने की महुलत दे सकती है । इस package मे home loan , auto loan , personal loan आदि का समावेश किया गया है । 

क्या वाकई 3 महीने यानी 1 मार्च से 31 मई तक EMI से छुट्टी ? हा , बिल्कुल । lockdown का समय है , पूरे देश पर खतरा है तो RBI आपका बोझ हल्का करने के लिए यह तो कर ही सकती है । तो यह सपना नही हकीकत है , पर हर हकीकत एक * यानि की कुछ शर्तों के साथ आती है । RBI ने कहा है की इस 3 महीने के समय का Interest ग्राहक को बाकी के महीनों में भरना होगा । 

RBI ने On paper की हुई बात को समजे तो –

1 ) moratorium के विकल्प को चुनना आपका निर्णय है । आप अपने नियमित EMI भरने का विकल्प चुन सकते है । यह आपको निश्चित रूप से भविष्य में additional interest से बचाएगा । 

2 ) Moratorium समय की अवधि को “1 मार्च से 31 मई” तक बताया गया है और घोषणा 27 मार्च को की गई थी । आप में से कई ज़िम्मेदार ग्राहकों ने पहले ही मार्च की EMI का भुगतान कर दिया होगा , इसका मतलब है की आपको 2 महीने का COVID 19 मोरेटोरियम समय मिल रहा है – April और May . 

3 ) इसके अलावा , यह COVID-19 मोरेटोरियम सिर्फ उन loans के लिए मान्य है जो 1 मार्च 2020 से पहले मौजूद थे । इसलिए , अगर आपका loan 1 मार्च 2020 के बाद वितरित किया गया था , तब आपका loan इस मोरेटोरियम के लिए लागू नही होता । 

अब आप सारे फ़ायदे नुक्सान जान गये हो , फिर भी चलिए एक उदाहरण से समझते है । 

(चर्चा के लिए हम एक फर्ज़ी ग्राहक सुरेशभाई के लेनदेन का उदाहरण लेकर चलते हैं) 

Loan राशि : 10 लाख रुपए 

ROI : 13.50% 

EMI : 12,074 रुपए 

मूल Loan अवधि : 240 महिनें

शेष Loan अवधि : 200 महीनें ( अप्रैल 2020 से नवंबर 2020) 

सुरेशभाई ने पहले ही अपनी 4th मार्च की EMI का भुगतान कर दिया है । 

सुरेशभाई  12,074 रुपये की EMI का 4th अप्रैल को और 4th मई को नियमित क्रम की तरह भुगतान करेंगे । 

इस EMI में 

Principal घटक – 1291 रुपये और 1305 रुपये 

Interest घटक – 10784 रुपये और 10770 रुपये 

शामिल है । 

अब सुरेशभाई  ने Moratorium कार्यक्रम अपनाने का विकल्प चुना । 

1 ) इस कार्यक्रम के तहत , सुरेशभाई अप्रैल और मई में अपना  EMI / Interest का भुगतान नही करेंगे । 

2) सुरेशभाई 4th जून 2020 से अपने मासिक EMI का भुगतान शुरू करेंगे । इससे उनका Interest और Principal   के बीच का संबंध टूट जाएगा । (Principal repayment जून , 2020 के बाद जारी रहेगा ) 

3) हमने अप्रैल और मई में किसी भी प्रकार की principal राशि सुरेशभाई की तरफ से बरामद नही की , इसीलिए loan की maturity 2 महीने तक बढ़ जाएगी । सुरेशभाई के 200 महीनों का Balance कार्यकाल अब जून , 2020 से शुरू होगा और जनवरी 2037 में ख़त्म होगा । 

4)अब तो अप्रैल और मई का Interest भी जमा हो गया । यह राशि (10,784 रूपए + 10,770 रुपए ) 21,554 रुपए के बराबर है । 

5) Homefirst आपको 2 विकल्प देता है इस राशि को जमा करवाने के लिए 

A . 21,554 रुपए 6 installments में जमा करवाए , उस राशि पर भी चढ़ने वाले Interest के साथ । जिसका ROI आपके मूल loan के ROI जितना होगा । (12,074 रुपए की नियमित EMI के साथ 3,798 रुपए की अतिरिक्त राशि ) । अतिरिक्त राशि का भुगतान भी 4th जून , 2020 से शुरू होगा । 

  1. 21,554 रुपए 12 installments में जमा करवाए , उस राशि पर भी चढ़ने वाले Interest के साथ । जिसका ROI आपके मूल loan के ROI जितना होगा । (12,074 रुपए की नियमित EMI के साथ 1,963 रूपए की अतिरिक्त राशि) अतिरिक्त राशि का भुगतान भी 4th जून , 2020 से शुरू होगा । 

तो सुरेशभाई ने सोचा 3 महीने का आराम , पर आराम की क़ीमत 21,554 उन्हें बाद में चुकानी पड़ी । 

अब तक आपके लिए यह बात सपष्ट हो गई होगी की  COVID 19 मोरेटोरियम को चुनना आपके loan के बोझ को बढ़ावा देना है , यानी Interest outflow   तीन महीने बाद की परिस्थिति आपके पक्ष में हुई या नही हुई आपको नही पता । इसलिए , सुरेशभाई के लिए और आप सबके लिए अक्लमंद बात यह है की , आप अपने नियमित EMI अपने कार्यक्रम के मुताबिक भरे , अगर आप भर सकते है तो । COVID 19 मोरेटोरियम का विकल्प तब ही चुने अगर आप एक बड़ी cash flow की समस्या से गुज़र रहे हो ।

अब एक आख़री और ज़रूरी सवाल , 

यदि आप COVID 19 मोरेटोरियम का विकल्प चुनते हो तो आपके credit score का क्या होगा ? 

अब यह आपके फ़ायदे की बात है , जवाब है “कुछ भी नहीं” । Moratorium का विकल्प चुनने से आपके credit score पर कोई असर नही होगा । 

हमे उम्मीद है की यह बातें आपको विकल्प चुनने में मदद करेगी क्योंकि हमे हर चीज़ कि दोनों बाज़ू को देखकर निर्णय लेना चाहिए ।  घर पर रहे और अपने finances की चिंता करे बिना अपना यह समय अपने परिवार के साथ खुशी खुशी बिताये ।

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Your home loan will be processed in 2 steps:

  1. You receive the approval of your home loan.
  2. You sign the loan agreement papers and complete other necessary documentation. The loan amount is thereafter paid directly to the builder by Home First Finance Company.

Loan decisions are made in less than a week. You will receive an SMS on your registered mobile number as soon as we make a decision.

HomeFirst does not charge any prepayment fees. This applies to both partial and full repayments. In fact, we have a special Auto-Prepay feature to facilitate this process for you.

HomeFirst offers loan tenures between 1 year to 25 years. If you opt for a longer tenure, you can get the advantage of a lower EMI each month.

HomeFirst can provide finance up to 90% of the property value. The balance has to be arranged by you from other sources. Please note: 90% financing is only available for loans amounting to less than Rs. 30 lakhs.

All co-owners of the property have to be co-applicants to the loan. A person who is not a co-owner can also become a co-applicant to the loan.

During the construction phase, HomeFirst will disburse funds to the builder on your behalf. These will be based on payment requests made by the builder as per the construction schedule.

HomeFirst will charge interest only on the amount disbursed as loan during the construction phase. In this period, interest is charged only on the disbursed loan amount. For example, if you have a sanctioned loan of Rs 10 lakhs, but the property is under construction and we have disbursed only Rs 4 lakhs, you will be charged interest only on 4 lakhs. These interest payments are referred to as pre-EMI interest payments.

EMI payments will start only after completion of the project and registration of the property.

All cheques to HomeFirst should be written out in favor of ‘Home First Finance Company India Limited’.

In the event of an unfortunate incident, home loan insurance will help you or your family pay off the home loan. This ensures that the burden does not suddenly fall upon family members at a bad time.

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